आबकारी के पैसों से मजबूत की जाएगी प्रदेश की अधोसंरचना, आबकारी कर में होगी वृद्धि

बिलासपुर

ब्यूरो-मदिरा प्रेमियों के लिए खबर बुरी है।उन्हें अब अपने शौक की पूर्ति के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ सकते है।सरकार ने अधोसरंचना के रखरखाव के लिए बनाई गई योजना के लिए फण्ड जुटाने के लिए आबकारी कर में वृद्धि किये जाने का फैसला लिया है।इससे प्राप्त राजस्व को ‘मुख्यमंत्री अधोसंरचना उन्नयन योजना’ में ख़र्च किया जाएगा।

कोविड-19 में बाधित कार्यो और राजस्व में हानि तथा लॉक डाउन में गरीबों की सहायता में किये जा रहे खर्चों के कारण सरकार के सामने आर्थिक संकट से उबरकर विकास कार्यो को आगे बढ़ाने का दायित्व भी है।इसके लिए सरकार की योजना नॉय निर्माण कार्य न कराकर पुरानी अधोसंरचना पर खर्च करने की योजना बनाई है।इस योजना का नाम ‘मुख्यमंत्री अधोसंरचना उन्नयन योजना ‘दिया गया है।इसके योजना के लिए आवश्यक बजट को सरकार ने आबकारी कर में वृद्धि कर जुटाने का निर्णय लिया है।इस योजना में शिक्षा , स्वास्थ्य, और आवागमन की अधोसंरचना का रखरखाव कर विकास की आवश्यकताओं को पूरी करना है।मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस योजना का संचालन ‘प्राधिकरणों’ की तरह किया जाए। इन कार्यो के लिए वित्तीय प्रावधान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने वर्तमान आर्थिक कठिनाईयों को देखते हुए योजना के क्रियान्वयन हेतु आबकारी कर में वृद्धि करने और आबकारी कर वृद्धि से प्राप्त अतिरिक्त राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आवागमन से संबंधित संरचनाओं के रख-रखाव एवं उन्नयन में करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आबकारी कर वृद्धि से प्राप्त राशि से मरम्मत, अतिरिक्त निर्माण तथा आवश्यक एवं उपयोगी सामग्री का क्रय किया जाए।’मुख्यमंत्री अधोसंरचना उन्न्यन योजना’ या कार्यक्रम प्रारंभ करने के निर्देश मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव वित्त को देते हुए कहा है कि विगत वर्षों में राज्य में बड़ी संख्या में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, कार्यालयीन भवन, सामुदायिक भवन आदि अधोसंरचना का निर्माण किया गया है, किन्तु भविष्य में उन संरचनाओं के रख-रखाव का सामान्य तौर पर प्रावधान नहीं रखा गया है। इसके कारण विशेष कर स्वास्थ्य, शिक्षा तथा आवागमन से संबंधित अधोसंरचना का पूर्ण उपयोग संभव नही हो पाता तथा जन समुदाय इनके लाभों से वंचित रहते हैं। शाला भवनों, स्वास्थ्य केन्द्रों में कुछ आवश्यक सामग्री का क्रय भी नहीं हो पाता, जिनसे गुणवत्ता में वृद्धि हो सकती है।

मुख्यमंत्री का निर्देश है कि वर्तमान आर्थिक कठिनाईयों को देखते हुए योजना के क्रियान्वयन हेतु आबकारी कर में वृद्धि की जाए और आबकारी कर वृद्धि से प्राप्त अतिरिक्त राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आवागमन से संबंधित संरचनाओं के रख-रखाव एवं उन्नयन में खर्च किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आबकारी कर वृद्धि से प्राप्त राशि से मरम्मत, अतिरिक्त निर्माण तथा आवश्यक एवं उपयोगी सामग्री का क्रय किया जाएगा।मुख्यमंत्री के इस निर्णय से शराब बंदी की उम्मीद पाले हुए लोगो को भी निराश ही होगी।

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