सचिवों के बाद रोजगार सहायकों ने फूंका आंदोलन का बिगुल,पंचायतों में मनरेगा कार्य होंगे प्रभावित।

मस्तूरी

सूरज सिंह – छत्तीसगढ़ के पंचायतों में मनरेगा हिसाब किताब की जिम्मेदारी उठाने वाले रोजगार सहायकों ने भी सचिवों की तरह आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।वे भी अपने नियमितीकरण और पदोन्नति की मांग कर रहे है।

आज से पूरे छत्तीसगढ़ मे ग्राम रोजगार सहायकों ने विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल कर दिया है ,जिसके कारण गावो मे चल रहे रोजगार गारंटी के कार्य बंद हो गये है ।जहाँ जहाँ कार्य शुरू हुआ था वहां काम ठ्प हो गया है। इसका सबसे जादा असर उन गरीबो पर पड़ेगा जो सिर्फ रोजगार गारंटी के कार्य के भरोसे अपने और परिवार का पालन पोषण करते थे,जिनका न खेत है ना फसल लेते है। गरीब वर्ग को 100 दिन का रोजगार मनरेगा के तहत दिया जाता है ,पर इस साल जिस तरह से सचिवों और रोजगार सहायकों ने आंदोलन शुरू किया है।उससे रोजगार मिलना भी मुश्किल होगा,क्योंकि पुरा मनरेगा का कार्य रोजगार सहायको द्वारा ही किया जाता है ।अब देखना होगा की इनकी जो मांगे है।उसको सरकार कब संज्ञान मे लेती है? और क्या फैसला आता है? मालूम हो कि इससे पहले भी पूरे छत्तीसगढ़ के रोजगार सहायको ने राजधानी रायपुर सहित ब्लॉक मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन किया था।अपनी नियमितीकरण रिक्त पड़े सचिवों के पद पर अनुभव के आधार पर पदोंन्नति आदि मांगों को लेकर पूरे छत्तीसगढ़ शासन को अवगत कराया था। आज मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम रोजगार सहायक संघ के मिडीया प्रभारी नकुल जांगड़े ने बताया की हमारी मांगे पुरी होने तक हड़ताल जारी रह सकती है। इस बात पर मस्तूरी विधानसभा के सभी रोजगार सहायक उनके साथ दिखे और एक स्वर मे सभी ने हामी भरी। मस्तूरी क्षेत्र के सभी रोजगार सहायक एक टेंट लगा कर अपनी मांगो के लिए पूरे ऊर्जा के साथ धरना करते दिखे।

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