जनता की जान जोखिम में डाल रहे सड़क निर्माण कंपनी और ठेकेदार,सरकारी नुमाइंदों ने मूंदी आंखे।

कोटा

हरीश चौबे

कोटा से सलका नवागांव तक किये जा रहे 18 किमी के पीएमजीएसवाय के तहत करोड़ो के सड़क निर्माण में जनता की जान जोखिम में है।सड़क निर्माण कंपनी और ठेकेदार लगातार सुरक्षा मानकों और व्यवस्थाओं की अनदेखी कर रहे है।निर्माणाधीन पुल पुलियो के पास किसी प्रकार के संकेतक नही लगाए गए है और न ही सुरक्षा के प्रबंध किए गए है।सुरक्षा या संकेत ने नाम पर मात्र प्लास्टिक रिबन को गड्ढों के पास लगा दिया गया है ।सुरक्षा और संकेत के प्रबंध नही होने आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है।इंजीनियर और एसडीओ भी इस पर मौन साधे हुए हैं।

प्रधानमंत्री येजना सड़क निर्माण के तहत कोटा से सलका नवागांव तक बनाये जा रहे 18 किमी सड़क के ठेकेदार की लपरवाही चलते हजारों जान जोखिम में पड़ गयी है। करोड़ो के सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों और प्रबंधों की घोर अनदेखी की जा रही है।इसमे ठेकेदार का साथ इंजीनियर और एसडीओ भी दे रहे है,जो ठेकेदार की लापरवाही को नज़र अंदाज़ कर लोगो की जान से खेलने की खुली छूट दे रहे है।।कितने ही लोग ठेकेदार की लापरवाही के कारण दुर्घटना में घायल हो चुके है।दरअसल सड़क निर्माण के दौरान कई स्थानों पर छोटे बड़े पुल का निर्माण किया जा रहा है ।इसके लिए जहां पर सड़क की खुदाई की गई है वहाँ पर नियमतः दोनो ओर 100 मीटर पहले रेडियम से लिखा हुआ सूचना बोर्ड लगाया जाना चाहिए,जिससे दिन और रात में सड़क पर आने जाने वालों को, हो रहे निर्माण की जानकारी पहले ही हो जाये और वे सतर्क हो जाएं।जिस जगह खुदाई की गई है उसके चारों ओर कम से कम दो मीटर दूर से घेरा किया हुआ होना चाहिए ताकि कोई गड्ढे में न गिर जाए। लेकिन ठेकेदार द्वारा इन मानकों की अनदेखी की जा रही है,और इसमे निरीक्षण के लिए जवाबदेह इंजीनियर और एसडीओ पूरा साथ दे रहे है।जहां-जहां पर खुदाई की गई है वहाँ पर सुरक्षा के नाम पर केवल पॉलीथीन टेप को लकड़ी के डंडे से लगाकर रखा गया है।वह भी गड्ढे से बिल्कुल जोड़कर ।सुरक्षा की अनदेखी में साथ देने वाले इंजीनियर औ एसडीओ निर्माण की गुणवत्ता में भी ठेकेदार से समझौता किये बैठे है।ठेकेदार द्वारा निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री और निर्माण पर ऑंखे मूद कर ओके रिपोर्ट दे रहे है।आज तक ठेकेदार को किसी भी प्रकार का नोटिस जारी नही किया जाना ही इस बात की गवाही दे रहा है कि सब कुछ मिल बांटकर किया जा रहा है।जनता की जान जाती है तो जाए इससे न तो ठेकेदार को कोई मतलब और न ही इंजीनियर और एसडीओ को जवाबदेही का डर ।

प्रधानमंत्री सड़क योजना कार्य पालन अभियंता वरूण राजपूत ने कहा की जल्द ही सड़क ठेकेदार को परिवर्तित सड़क निर्माण सुरक्षा घेरा लगाने कहा जायेगा,और रात्रि में रेडियम बोर्ड सुरक्षा हेतु लगाने बोला गया है।

विशाल अग्रवाल प्रधानमंत्री सड़क योजना ठेकेदार मोबाइल फोन से संपर्क किया गया उनके द्वारा मोबाइल नहीं उठाया गया।


विकास सिंह ठाकुर विधायक प्रतिनिधि उपरोक्त कार्य मैं गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया जा रहा है ।गुणवत्ता विहीन मटेरियल का उपयोग किया जा रहा है। ठेकेदार के द्वारा जगह-जगह किसानों की जमीन पर मिट्टी मुरूम डाल दिया गया है ,जिसे पहले भी कुछ फसल किसानों के नुकसान हुई है ,जिसके कारण किसानों में आक्रोश है।

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