फिर बिगड़े तहसीलदार साहब के बोल, मिल रहे अभयदान से बढ़ रहा हौसला!

कोटा

हरीश चौबे

करगीरोड-(कोटा) लोगो से दुर्व्यवहार को लेकर सुर्खियों में रहने वाले कोटा तहसीलदार पी के गुप्ता के बोल एक बार फिर बिगड़ गए।इस बार उनका निशाना बने नगर पंचायत वार्ड 13 के धनंजय शर्मा ,जिन्हें तहसीलदार को अपनी पीड़ा बताना भारी पंड़ गया।तहसीलदार पी के गुप्ता ने धनंजय शर्मा की समस्या का समाधान तो नही किया उल्टा उन्हें ही भला बुरा सुना दिया।तहसीलदार के द्वारा लोगो से दुर्व्यवहार का यह पहला मामला नही है।पहले भी वे जनप्रतिनिधियों और पत्रकारो से दुर्व्यवहार कर चुके है,जिसकी शिकायत किये जाने के बाद भी उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नही होने से हौसला बढ़ता जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर-पंचायत कोटा के वार्ड नं 13 रहने वाले धनजय शर्मा के अन्य लोगो के घर मे लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बंधवा-तालाब का पानी घुस जाने पर वार्ड-वासियों ने अपनी इस समस्या के बारे में एसडीएम कोटा आनंद रूप तिवारी से फ़ोन कर जानकारी दी। एसडीएम ने धनंजय शर्मा को तखतपुर इलाके में बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू में रहने की बात कही और तहसीलदार को प्रमोद गुप्ता को अपना रिफरेंस देकर अपनी समस्या के बारे बात करने को कहा।धनंजय शर्मा ने कोटा तहसीलदार प्रमोद गुप्ता से जब अपनी समस्या की जानकारी दी और एसडीएम कोटा आनंद रूप तिवारी का भी हवाला भी दिया। तहसीलदार गुप्ता धनंजय शर्मा पर भड़कते हुए कहा कि “फावड़ा लेकर मैं आकर खोदु क्या?” नगर-पंचायत अधिकारी को क्यो नही बोलते हो-? धनंजय ने पुनः कोटा-तहसीलदार से निवेदन पूर्वक कहा कि कोटा नगर पंचायत-अधिकारी को इससे पूर्व में कई बार संज्ञान दिलाया जा चुका है, पर अब तक इस समस्या का निराकरण नहीं हुआ है।आप उच्च-अधिकारी हैं, अगर आप नगर पंचायत अधिकारी को निर्देशित-करेंगे तो इस समस्या का निराकरण हो जाएगा। धनंजय शर्मा के द्वारा इतना कहने के बाद सामने से फोन पर मौजूद कोटा-तहसीलदार प्रमोद गुप्ता द्वारा गुस्से से फोन काट दिया गया।
बरसात मेंं पानी भरने की समस्या को दूूूर करने के बजाए “फावड़ा लेकर मैं आकर खोदु क्या” कहा कोटा-तहसीलदार प्रमोद गुप्ता ने,जो निश्चित रूप से पीड़ित के दर्द को और बढ़ाएगा । पीके गुप्ता के लिए इस तरह का दुर्व्यवहार करना आम बात है। पूर्व में भी वह पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों से कई बार दुर्व्यवहार कर चुके हैं जिसकी लगातार शिकायत किए जाने के बावजूद भी प्रशासन के द्वारा उक्त अधिकारी के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं किया जाना समझ से परे है। आखिर क्यों लगातार दुर्व्यवहार और शिकायत केेे बाद भी तहसीलदार पीके गुप्ता को अभय दान दियाा जा रहा । कार्यवाही नहींं होने से उनके हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं आने वाले समय में यदि किसी केे साथ हाथापाई भी कर दे तो कोई बड़ी बात ना होगी।

लंबी है दुर्व्यवहार की लिस्ट

लोगों से दुर्व्यवहार करना और विवादों में रहना वर्तमान कोटा तहसीलदार प्रमोद गुप्ता के लिए नई बात नही है। इससे पूर्व में भी कोटा-जनपद पंचायत की महिला सदस्य के साथ कोरोनो-काल के समय प्रवासी मजदूरो से संबंधित विषयों पर बात करने पर अभद्रता-पूर्वक बात कही गई थी, जिसके बाद बाकी जनपद सदस्यों के द्वारा एसडीएम कोटा को शिकायत के रूप में ज्ञापन सौंपा गया था।इससे पूर्व में कोटा तहसीलदार प्रमोद गुप्ता के द्वारा नगर पंचायत चुनाव के समय कांग्रेस की महिला अभ्यर्थी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था-?उसके बाद पंचायत चुनाव के समय निर्वाचन कार्य के समय मीडिया-कर्मियो से दुर्व्यवहार-? हो या फिर जनप्रतिनिधियों-अधिवक्ताओं से दुर्व्यवहार हो और तो और अपने ही अधीनस्थ कार्य करने वाले महिला-पटवारी व अन्य कर्मचारियों से दुर्व्यवहार । तहसीलदार के दुर्व्यवहार की लिस्ट लंबी है। और उतनी ही लंबी उनके खिलाफ हुई शिकायतों की लिस्ट भी है। बावजूद इसके अब तक इस विवादस्पद प्रशासनिक अधिकारी पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की गई। पता नही इतनी शिकायतों के बाद भी उक्त तहसीलदार के खिलाफ उच्च अधिकारियों द्वारा क्यो कार्यवाही नही की गई ये समझ से परे है।,

पीड़ित धनंजय शर्मा ने बताया कि मैं कोटा एसडीएम से बंधवा तलाब का पानी मेरे घर में लगातार आ रहा है। अपनी समस्या को बताने पर कहा मैं अभी तखतपुर में हूं कोटा तहसीलदार से बात कर लें लेकिन कोटा तहसीलदार ने मेरे से दुर्व्यवहार करते हुए बात कियें हैं।

कोटा एसडीएम आनंद रूप तिवारी ने कहा कि आम जनता से अच्छा तालमेल बनाकर चलना चाहिए ऐसा नहीं बोलना चाहिए।

विधायक प्रतिनिधि विकास सिंह ठाकुर ने कहा की आम जनता से अच्छा व्यवहार करना चाहिए ।

कोटा तहसीलदार प्रमोद गुप्ता से दुर्व्यवहार करने वाले बात का पक्ष जानने के उनके मोबाइल संपर्क किया तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया।

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