बेलगहना

रविराज रजक-ज़िन्दगी बेहतर बनाने के लिए कमाने खाने और कुछ करने का ख्वाब लेकर शहर की ओर गए मजदूरों का जब सब्र का बांध टूट गया तो वह पैदल ही अपने घर और अपनों के बीच पहुंचने के लिए बेताब हो गए। लॉक डाउन होने के कारण मजदूर वर्ग यह सोचकर जहां वह काम कर रहे थे वही इसलिए रुक गए कि 15 या 20 दिनों में लगभग खत्म हो जाएगा परंतु जब लॉक डाउन की समय सीमा बढ़ी तो मजदूरों के दिल में बेचैनी बढ़ी और उन्होंने फैसला कर लिया कि अब पैदल ही हम अपने घर की ओर सफर करेंगे ।

इस सफर में रायपुर से शहडोल के लिए पैदल ही निकल पड़े 40 से 50 मजदूरों का काफिला जब बेलगहना दार सागर पेट्रोल पंप के पास पहुंचा ।गांव वालों को सूचना मिली तो तत्काल वहां पहुंचकर लोगों से बातें किया तो उन्होंने बताया कि हम रायपुर से पैदल चलकर शहडोल अनूपपुर जा रहे हैं। पता नहीं हम कितने दिन बाद वहां पहुंचेंगे लेकिन जब तक जान है तब तक हम चलते रहेंगे ।वहां पर कुछ समाजसेवी के लोग पहुंचकर उन लोगों को पानी बिस्किट आदि देकर आराम करवाया।उन्होंने मजदूरों से कहा कि आप सभी रैन बसेरा में रुक जाइए और आपके भोजन की व्यवस्था पुलिस चौकी के द्वारा कर दिया जाएगा। उसके बाद वह वहां से मजदूर पैदल ही अपने गंतव्य की ओर निकल पड़े यह नजारा बहुत ही पीड़ा दाई था। लेकिन कुछ मजबूरियां थी कि हम उनको रोक भी नहीं सकते थे उनका स्वास्थ्य चेकअप कराया गया इस कार्य में डॉक्टर सीवी नायक संदीप शुक्ला शिवदत्त पांडे उपस्थित थे।

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